संकट मोचन हनुमान की महत्वपूर्ण कथाएं ? आइए जाने

हनुमान जी की  महत्वपूर्ण कथाएं  : रामायण

हिंदू पौराणिक कथाओं में हनुमान जी एक महत्वपूर्ण और पूज्य चरित्र हैं। उनकी कई धार्मिक कथाएँ रामायण और महाभारत में पाई जाती हैं। निम्नलिखित हैं कुछ महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध कथाएँ जो हनुमान जी से संबंधित हैं:

  1. जन्म और बचपन: हनुमान जी का जन्म अंजना और केसरी के घर हुआ था, जो दिव्य विद्युत्-केंद्रित व्यक्तियों थे जिन्हें वानर वंश में जन्म लेने का श्राप था। पवन देवता ने अंजना को वरदान दिया था कि वे एक शक्तिशाली पुत्री को जन्म देंगे। हनुमान जी का बचपन अनेक खिलौनों और अद्भुत कृत्यों से भरा रहा, जिनसे उनकी असाधारण शक्ति प्रकट होती थी।
  2. राम से भक्ति: हनुमान जी की सबसे प्रसिद्ध कथा उनकी भक्ति और समर्पण की है। रामायण में, हनुमान जी ने भगवान राम की सहायता करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जब उन्होंने रावण के हाथ से भगवान राम की पत्नी सीता को उद्धार करने में मदद की।
  3. लंका जाने का वीरता: सीता जी को रावण द्वारा लंका में रक्षित किया गया था, तब हनुमान जी ने एक विशालकाय उड़ान भरी और लंका को पहुंचकर सीता जी की खोज की। उन्होंने सीता जी से भगवान राम का संदेश दिया और उन्हें आश्वासन दिया कि वे उन्हें जल्द ही उद्धार करेंगे।
  4. वज्रांग शक्ति: रामायण में, हनुमान जी ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन करके अनेक अद्भुत कारनामे किए हैं। उन्होंने अशोक वन में लंका के सेना से भयभीत होते हुए अशोक वटिका में आश्रय लिया और लंका के बंदी वानर सेना को शक्ति दिखाई।
  5. सन्धि के समय की घटना: रामायण के युद्ध में, हनुमान जी ने लक्ष्मण जी को सजीवनी बूटी लेने के लिए हिमालय के पर्वत से संधि लेने की घटना भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह कथा हमें हनुमान जी की अनन्य भक्ति और समर्पण का संदेश देती है।

    हनुमान जी का जन्मभूमि, कैसे और कहाँ हुआ?

    हनुमान जी का जन्मभूमि केरल के एक स्थान पंचमुखी नगर में था। वहां पर एक शिवालय के आगे एक गुदड़ीश्वर नामक वनर रहते थे। इस गुदड़ीश्वर की तपस्या से भगवान शिव प्रसन्न हो गए और उनसे वरदान मांगने पर उन्होंने कहा, “मैं इंद्र, वायु और अग्नि देवताओं के बराबर शक्तिशाली बेटे को चाहता हूँ।”

    उनके इस विचार को जानकर वनर ने भगवान शिव का विवेक लगाया और उन्हें समझाया कि यह अहंकार है और यह भगवान की इच्छा का विरोध करना है। परन्तु भगवान शिव ने भी उसकी इच्छा को पूरा करने का सोचा और उन्होंने उसे वरदान दिया।

    तभी भगवान शिव की पत्नी, देवी अंजना, ने वहां आकर एक अनमोल सन्मान चढ़ाया और भगवान शिव से बोली, “प्रभु, मेरी एक आग्रह पूरा कीजिए। मुझे एक सुंदर संतान दीजिए।” भगवान शिव ने उसकी इच्छा को पूरा किया और उसने कहा, “तुम्हारी यह सन्तान वायुपुत्र होगी, जो वीर, बलवान और अद्भुत शक्तिशाली होगी।”

    इस प्रकार भगवान शिव और देवी अंजना के आशीर्वाद से हनुमान जी का जन्म हुआ था। वे हनुमान जी के नाम से विख्यात हुए और उनके महान कर्मों की कथाएं आज भी हमारे दिलों में बसी हैं।

    हनुमान जी की भक्ति की शक्ति

    भक्ति, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, जिसका उद्दीष्ट देवता हनुमान जी भगवान कृपा करने वाले एक अद्भुत देवता हैं। हनुमान जी की भक्ति और उनके चमत्कारी शक्ति ने लाखों लोगों को आकर्षित किया है और उन्हें आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ने में मदद की है। आइए, हम हनुमान जी की भक्ति की शक्ति को विस्तार से समझें।

     

    हनुमान जी का जन्म और बचपन से ही भक्ति का विशेष संबंध रहा है। उनकी माँ अंजना ने उन्हें बचपन से ही भगवान वायु के ध्यान में रखा था और विवेक से भरी भक्ति की शक्ति से उन्होंने विश्वास दिखाया। बचपन में ही हनुमान जी ने सूर्य को रखा और वज्र के समान बालक होकर भी विश्व के सबसे बलशाली वनर बने रहे।

    हनुमान जी की भक्ति शक्ति का एक प्रमुख उदाहरण रामायण में उनके समर्थन के साथ मिलता है। रामायण में हनुमान जी ने अपनी भक्ति और निष्ठा के बल पर भगवान राम की मदद की और सीता माता को लंका से छुड़ाया। उनके निर्मल मन और सच्ची भक्ति ने भगवान राम के मन को भी मोह लिया और उन्हें अपने अध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर किया।

    भक्ति में समर्थ और साधुजनों के प्रति विनम्र भाव रखने से हनुमान जी ने हमेशा सत्य का पालन किया और धर्म के मार्ग पर चलने का उदाहरण प्रस्तुत किया। वे महाभारत में भगवान कृष्ण के साथ भी मिलते हैं और अर्जुन को भक्ति के मार्ग पर संघर्ष करने का प्रेरणा देते हैं।

    हनुमान जी की भक्ति की शक्ति उनके दृढ़ निश्चय, सामर्थ्य, और पवित्रता में निहित है। उनकी भक्ति और निष्ठा ने उन्हें समस्त देवताओं में श्रेष्ठ बना दिया और उन्हें भगवान शिव और भगवान विष्णु के अचूक भक्त बनाया। हनुमान जी की भक्ति और उनकी शक्ति ने उन्हें समस्त लोकों में मशहूर और आदरणीय बना दिया है।

    भक्ति की शक्ति हनुमान जी के जीवन में अद्भुत रूप से प्रकट होती है। वे सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और उनके समस्त संकटों को हर वक्त दूर करते हैं। भक्तों के समस्त संदेहों का अस्तित्व नष्ट करने में भी उनकी भक्ति की शक्ति अद्भुत रूप से काम आती है।

    हनुमान जी की भक्ति की शक्ति ने उन्हें सर्वशक्तिशाली और दयालु बना दिया है। वे सभी भक्तों की संतान स्वरूप हैं और उनकी पूजा-अर्चना से समस्त लोकों के संकट दूर होते हैं। हनुमान जी की भक्ति की शक्ति ने उन्हें भक्तों के दिलों में स्थान बनाया है और उन्हें सभी विधायें पूरी करने में सक्षम बना दिया है।

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